in

इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए राजनीतिक दलों ने पिछले 9 महीने में 1046 करोड़ रुपए जुटाए

मार्च से नवंबर के दौरान पार्टियों ने यह रकम कैश करवाई ,वित्त राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन ने राज्यसभा में यह जानकारी दी ,सरकार ने जनवरी में इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम शुरू की थी ,देश का कोई भी व्यक्ति या संस्था बैंक से बॉन्ड खरीद कर राजनीतिक दलों को दान में दे सकती है

नई दिल्ली. राजनीतिक दलों ने पिछले 9 महीने (मार्च-नवंबर) में इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए 1,045.53 करोड़ रुपए जुटाए। वित्त राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। पार्टियों को मिलने वाली फंडिंग को पारदर्शी बनाने के मकसद से सरकार ने इस साल जनवरी में इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम शुरू की थी। इसके तहत मेट्रो शहरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चार मुख्य शाखाओं से कोई भी व्यक्ति या संस्था केवाईसी नियम पूरे कर यह बॉन्ड खरीद कर अपनी पसंद की पार्टी को डोनेट कर सकती है।

सरकार ने नवंबर तक 6 बार बॉन्ड जारी किए

इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम शुरू करने के बाद सरकार ने छह चरणों में इन्हें बिक्री के लिए जारी किया। पहली बार 10 मार्च को 10 दिन के लिए ये बॉन्ड जारी किए गए थे। नवंबर तक 1,056.73 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे गए। इसमें से 1,045.53 करोड़ रुपए के बॉन्ड राजनीतिक दलों ने कैश करवाए।

क्या हैं इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए डोनेशन के नियम ?

  • कोई भी रजिस्टर्ड राजनीतिक दल जिसने पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में 1% वोट हासिल किए हों, वह इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए डोनेशन ले सकता है।   
  • इलेक्टोरल बॉन्ड 10 दिन के लिए जारी किए जाते हैं। लोकसभा चुनाव के साल में 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाता है। 
  • इन बॉन्ड की वैलिडिटी जारी करने के बाद 15 दिन तक होती है। इस दौरान इन्हें कैश करवाना पड़ता है।
  • ये बॉन्ड 1 हजार, 10 हजार, 1 लाख, 10 लाख और 1 करोड़ रुपए की वैल्यू के होते हैं। इन पर डोनर या जिस पार्टी को डोनेट किया जा रहा है उसकी जानकारी नहीं होती।

What do you think?

0 points
Upvote Downvote

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

0

Comments

0 comments

मैं कभी प्रेस से डरने वाला प्रधानमंत्री नहीं रहा- मनमोहन सिंह

आईआईटी कानपुर में 136 स्टूडेंट टर्मिनेट