in , ,

क्या हैं ? सामान्य तरजीही प्रणाली (GSP)

अमेरिका का चीन तथा मेक्सिको के साथ ट्रेड वॉर का खामियाजा भारत को भी उठाना पड़ रहा है। अमेरिका ने भारत को मिले जीएसपी दर्जे को खत्म करने की घोषणा की

  • अमेरिका ने शुक्रवार को भारत को मिले जीएसपी दर्जे को खत्म करने की घोषणा की
  • चीन तथा मेक्सिको सहित कुछ अन्य देशों के साथ अमेरिका ने छेड़ रखा है ट्रेड वॉर
  • इन देशों के साथ पिछले कई महीनों से चल रहे ट्रेड वॉर में भारत को भी उठाना पड़ा खामियाजा
  • बड़ा सवाल यह है कि भारत का अमेरिका के साथ व्यापार घाटा उपरोक्त देशों से बेहद कम
चिदानंद राजघट्टा, वाशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा चीन तथा मेक्सिको जैसे अहम कारोबारी साझेदारों के खिलाफ छेड़े गए ट्रेड वॉर का खामियाजा भारत को भी उठाना पड़ा है। वाइट हाउस ने सामान्य तरजीही प्रणाली (GSP) के तहत अमेरिकी बाजार में भारत को मिलने वाली विशेष सुविधाओं को पांच जून से समाप्त करने की घोषणा की। बड़ा सवाल यह उठता है कि अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा चीन तथा मेक्सिको की तुलना में बेहद कम है और अमेरिका पेइचिंग के खिलाफ भारत को खड़ा करने की वकालत भी करता रहा है, फिर नई दिल्ली को मिलने वाली विशेष सुविधाएं बंद करने की वजहें क्या हैं।

ट्रंप ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘मैंने यह तय किया है कि भारत ने अमेरिका को अपने बाजार तक समान और तर्कपूर्ण पहुंच देने का आश्वासन नहीं दिया है। इसलिए 5 जून, 2019 से भारत को प्राप्त लाभार्थी विकासशील देश का दर्जा समाप्त करना बिल्कुल सही है।’

दरअसल, वाशिंगटन ने सन 1974 में 120 विकासशील देशों और प्रांतों की अर्थव्यवस्था और बाजारों को सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसपी का दर्जा देने की शुरुआत की थी, जिसमें भारत को एक सबसे बड़े लाभार्थी देश के रूप में देखा जा रहा था। 2017 तक भारत द्वारा अमेरिका को किए गए लगभग 12 फीसदी (लगभग 5.5 अरब डॉलर) निर्यात शुल्क मुक्त था।

‘विकसित राष्ट्र होने की तरफ बढ़ रहे देश’
अमेरिका द्वारा विकासशील राष्ट्रों को मिलने वाला यह फायदा अब खत्म हो चुका है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिका से वित्तीय फायदा उठाने वाले राष्ट्र मध्य आय या विकसित राष्ट्र बनने की तरफ बढ़ रहे हैं, जबकि कुछ देश वाशिंगटन की ‘अपेक्षाओं के विपरीत’ काम कर रहे हैं।

भारत पर ‘हाई टैरिफ नेशन’ होने का आरोप 
अमेरिका की महंगी हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिलों पर नई दिल्ली द्वारा लगाए गए शुल्क (हालांकि शुल्क को घटाकर आधा कर दिया गया) का हवाला देते हुए ट्रंप भारत पर ‘बेहद हाई टैरिफ नेशन’ होने का आरोप लगाते रहे हैं।

घुसपैठ पर मेक्सिको से खफा अमेरिका
डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मेक्सिको के सामानों पर आयात शुल्क में और बढ़ोतरी की घोषणा की। ट्रंप का कहना है कि दक्षिणी सीमाओं से अवैध अप्रवासियों को रोकने के लिए मेक्सिको ने अमेरिका की इच्छा के अनुरूप काम नहीं किया है।

चीन का विकास बाधित करने की रणनीति
दरअसल, अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर का है, जो चीन के साथ 420 अरब डॉलर और मेक्सिको के साथ 75 अरब डॉलर की तुलना में काफी कम है। जीएसपी का दर्जा वापस लेने का उद्देश्य चीन को काउंटर करने के लिए एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। भारत में यह सवाल पूछा जा रहा है कि चीन के साथ मतभेदों की सजा भारत को क्यों दी जा रही है और जब व्यापार घाटा चीन के साथ ज्यादा है फिर भारत से जीएसपी दर्जा छीनने का क्या मतलब है, वह भी तब जब अमेरिका चाहता है कि चीन के खिलाफ भारत मजबूती से खड़ा हो और उसका मुकाबला करे?

भारत की है मजबूरी?
हाल के वर्षों में कैलीफोर्निया के आल्मंड्स, वाशिंगटन के एपल और मध्य अमेरिका के चिकन लेग्स के लिए भारत को अपने बाजार के दरवाजे खोलने के लिए मजबूर होना पड़ा है। लेकिन ट्रंप का मानना है कि 25 अरब डॉलर के व्यापार घाटे को खत्म करने के लिए यह कदम अपर्याप्त है और भारत को और अमेरिकी सामानों के लिए अपने बाजार के दरवाजे खोलने होंगे।

What do you think?

1 point
Upvote Downvote

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

0

Comments

0 comments

एक्शन में मोदी सरकार: नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार

EVM और VVPAT से छेड़छाड़ संभव नहीं,-पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त कुरैशी