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क्रिकेट के युवराज

2011 विश्व कप विजेता टीम के हीरो युवराज सिंह ने आखिरकार सोमवार को अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर से संन्यास ले लिया। 17 साल के अपने करियर में युवराज ने 40 टेस्ट, 304 एकदिवसीय मैच और 58 टी-20 मैच खेले। टी-20 वर्ल्ड कप विजेता और 2011 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य युवराज सिंह के लंबे क्रिकेट करियर के दौरान उनके जीवन में ही नहीं खेल और भारत में बदु कुछ बदल गया। अगर यह कहा जाए कि इस दौरान पूरा एक युग बदल गया तो यह गलत नहीं |

चमकदार  करियर
37 साल के युवराज ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान करते हुए कहा, ’25 साल के अपने क्रिकेट करियर और उसमें से 17 साल के करियर के बाद अब वक्त आ गया है कि मैं आगे बढूं।’ युवराज के चमकदार करियर की बात करें तो स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्कों को कौन भूल सकता है। 2011 के वर्ल्ड कप में 362 रन, 15 विकेट और 4 मैन ऑफ द मैच के साथ ही मैन ऑफ द टूर्नमेंट की ट्रोफी। इन सबसे बढ़कर फेफड़ों के कैंसर की असाध्य बीमारी से लड़कर 2012 में क्रिकेट में वापसी करना।

अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत के हीरो थे युवराज सिंह 
2000 में श्रीलंका में हुए अंडर 19 वर्ल्ड कप जीत के साथ युवराज सिंह राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के नजर में आए और महज 1 साल के अंदर ही उन्होंने राष्ट्रीय टीम में भी जगह बना ली। 3 अक्टूबर 2000 को उन्होंने केन्या के खिलाफ अपना पहला मैच आईसीसी नॉकआउट टूर्नमेंट में खेला। उनका आखिरी मैच किसे मानें? 5 वनडे मैचों की सीरीज में वेस्ट इंडीज के खिलाफ एंटिगा में 20 जून 2017 को युवराज सिंह ने आखिरी बार टीम इंडिया की जर्सी पहनी। इन 17 सालों में देश में कितने बदलाव हुए?

युवराज के क्रिकेट करियर के दौरान इतना बदला हिंदुस्तान

भारतीय राष्ट्रपति बदले : 4
भारतीय प्रधानमंत्री बदले : 3
भारत की आबादी में वृद्धि : 27%
सेंसेक्स में बढ़ोतरी : 733%
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बने : 9
बीसीसीआई प्रेजिडेंट : 10
भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करनेवाले खिलाड़ी : 41
भारत के लिए ODI में डेब्यू करनेवाले खिलाड़ी : 83
T-20 में डेब्यू करनेवाले भारतीय खिलाड़ी: 53
वर्ल्ड कप हुए कुल: 4
2019 वर्ल्ड कप के लिए डेब्यू करनेवाले खिलाड़ियों की संख्या: 14

इस तरह खत्म हुआ एक युग…

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