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पुलवामा हमले से निराश हूं |

Indian soldiers examine the debris after an explosion in Lethpora in south Kashmir's Pulwama district February 14, 2019. REUTERS/Younis Khaliq

गुरुवार को दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया. अवंतीपुरा में आतंकी हमले में जिस बस को निशाना बनाया गया उसमें 42 जवान सवार थे.

गुरुवार को दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया. अवंतीपुरा में आतंकी हमले में जिस बस को निशाना बनाया गया उसमें 42 जवान सवार थे.  फिदायीन हमले में जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया उसमें 200 किलोग्राम विस्फोटक भरा हुआ था. ये विस्फोट इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए और तकरीबन पांच किलो मीटर तक इसकी आवाज सुनाई थी. ये हमला तब किया गया जब सीआरपीएफ जवानों काफिला श्रीनगर से पुलवामा ले जाया जा रहा था. बस पर हमले के बाद आतंकियों ने फायरिंग भी की.

सीआरपीएफ पर आतंकी हमले में देश के 42 जवानों की शहादत हो गयी है। पीएम मोदी ने देश को हिला देने वाली इस घटना के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल से बैठक की है। एनआईए की टीम शुक्रवार को स्पॉट पर पहुँच रही है जबकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी श्रीनगर जा रहे हैं। इस घटना के बाद देश भर में गुस्सा है और इतनी बड़ी सुरक्षा चूक से देशवासी हक्का-बक्का हैं।

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने स्वीकार किया है कि सुरक्षा की यह बड़ी चूक है। कुछ रोज पहले ही पीएम मोदी ने कश्मीर की अपनी यात्रा में कहा था कि घाटी में आतंक की कमर तोड़ दी गयी है। आज की घटना से साफ़ जाहिर है कि यह बहुत ही सुनियोजित हमला था। इसे 2004 के बाद सबसे बड़ा हमला बताया गया है। शहीदों में 40 जावन सीआरपीएफ के और 2 आरओपी (रोड ओपनिंग पार्टी) के थे।

इतनी बड़ी तादाद (करीब 200 किलो आरडीएक्स बताया गया है) एक स्कार्पियो में वहां पहुंचा दिया गया जिससे साबित होता है सुरक्षा की कितनी बड़ी चूक हुई। यह रोड भी कुछ रोज पहले तक बंद था। अभी यह साफ़ नहीं हुआ है ना कोइ आधिकारिक ब्यान आया है कि स्कॉर्पियो किस तरफ से और कैसे सीआरपीएफ के वाहन से टकराई।

जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर अवंतीपोरा में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक काफिले को निशाना बनाकर यह हमला किया। सीआरपीएफ के जिस काफिले को निशाना बनाया गया उसमें 78 वाहन शामिल थे और इसमें 2500 के करीब सुरक्षा जवान यात्रा कर रहे थे। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है।

हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने आतंकी की तस्वीर जारी की है। जैश के आत्मघाती आदिल अहमद डार ने हमला किया है। अभी तक की सूचना के मुताबिक आतंकियों ने हाईवे पर आईईडी लगाकर बस को उड़ा दिया फिर बस पर फायरिंग शुरू कर दी। काफिले में सीआरपीएफ के 2500 जवान थे।  हमला 54 बटालियन की बस पर हुआ और तीन बसें साथ-साथ चल रही थीं। गाड़ी जम्मू से कश्मीर की तरफ जा रही थी।

हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। एनआईए की एक बड़ी टीम का गठन किया गया है जिसमें फरेंसिक एक्सपर्ट्स और आईजी रैंक के एक अधिकारी के साथ 12 वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं।

आतंकी हमले के बाद दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने दिल्ली में बैठक की है। हमले में घायल जवानों को श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सेना, सीआरपीएफ और एसओजी के जवान अवंतिपोरा और इसके आसपास के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक केस दर्ज कर अपनी जांच शुरू की है।

सीआरपीएफ हमले पर बोले पीएम मोदी- व्यर्थ नहीं जाएगी हमारे जवानों की शहादत

पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) पर हुए आतंकी हमले में करीब 40 से ज्यादा जवानों के शहीद होने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद एक तरफ जहां पूरे देश में शोक की लहर है तो वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक नेताओं ने इसे कायरपूर्ण कार्रवाई करार दिया है। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बात की है।

पीएम ने की पुलवामा हमले की निंदा

सीआरपीएफ हमले की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा- “पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला एक निंदनीय घटना है। मैं इस कायरपूर्ण हमले की आलोचना करता हूं। हमारे वीर जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। शहीद जवानों के परिजानों के साथ पूरा देश कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। घायल जल्द स्वर्थ हो जाएं।”

पुलवामा हमले पर पीएम ने की राजनाथ सिंह बात

उधर, पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमले और उसके बाद की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बात की।

 

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के सलाहकार ने के. विजय कुमार ने मीडिया से बात करते हुए यह बताया- “जहां तक शहीद हुए जवानों की बात है तो मुझे शुरुआत में यह बताया गया कि इनकी संख्या 18 थी और तीन जवानों की गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। इसलिए, इनकी संख्या 20 हो सकती है। मैं सिर्फ यह टेलीफोन पर मिली रिपोर्ट के आधार पर बोल रहा हूं।”

राजनाथ शुक्रवार को जाएंगे जम्मू कश्मीर

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से बातचीत की और सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादियों के घातक हमले के बाद की राज्य की स्थिति का जायजा लिया । अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बिहार में शुक्रवार का अपना कार्यक्रम भी रद्द कर दिया । वह जम्मू कश्मीर जा सकते हैं।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृहमंत्री ने राज्यपाल से बाचतीत की जिन्होंने उन्हें राज्य की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया। सिंह ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक आर आर भटनागर से भी बातचीत की और उन्हें जरूरी निर्देश दिये। गृह मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है।

 

सिंह ने ट्वीट किया, ”(जम्मू कश्मीर के) पुलवामा में सीआरपीएफ पर आज का कायराना हमला बहुत ही पीड़ाजनक और विचलित कर देने वाला है। मैं सीआरपीएफ के हर उस जवान को नमन करता हूं जिसने देश की सेवा में अपनी जान कुर्बान की है।

पुलवामा आतंकी हमले की डोभाल कर रहे है निगरानी

पुलवामा में सीआरपीएफ हमले के बाद बनी स्थिति पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल निगरानी कर रहे हैं और सीनियर सीआरपीएफ अधिकारी उन्हें लगातार स्थिति से अवगत करा रहे है। उधर, गृहमंत्री राजनाथ सिंह की शुक्रवार को पटना में होनेवाली रैली रद्द कर दी गर्ई है। वे अब शुकआवार को श्रीनगर जाएंगे। इससे पहले, उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से बात की।

ममता ने कहा- हमारी चिंता शहीद जवान के परिवार के साथ

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- “पुलवामा में सीआरपीएफ पर हमले में शहीद जवानों की संख्या बढ़ने की खबर आ रही है। हम इस घटना की आलोचना करते हैं। इस दुख की घड़ी में हमारे वीर शहीद जवानों के परिजनों के साथ हमारी चिंता और प्रार्थना है।”

गडकरी बोले- पुलवामा हमले से हूं निराश

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा- “पुलवामा में जवानों की शहादत से निराश हूं। जवानों की शहादत को मातृभूमि कभी नहीं भुला पाएगी। मेरी संवेदना उन परिवारों के साथ है जिन्होंने अपने बेटे खो दिए।”

पुलवामा के अवंतिपुरा सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने विवादित बयान दिया है. फारूक ने कहा कि इस हमले के लिए सिर्फ पाकिस्तान जिम्मेदार नहीं है. जब उनसे पाकिस्तान फंडेड टेरोरिज्म से जुड़ा सवाल पूछा तो वे भड़क गए और उठकर चले गए. उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान सिर्फ बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है.

उन्होंने कहा, ”मुझे अफसोस है कि ये अटैक हुआ…मगर ये आज की बात नहीं है. वहां रोज कुछ न कुछ इस तरह का हो जाता है. जब तक कोई रास्ता नहीं ढ़ूंढ़ा जाएगा ये खत्म नहीं होगा. बंदूक से मामला हल नहीं होगा. बातचीत से मसला हल होगा. आपको जम्मू-कश्मीर के आवाम से बात करनी पड़ेगी. आप अपने लोगों से बात नहीं करेंगे तो किससे करेंगे?”

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