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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना ! जानिए नियमों के बारे में…

सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत छोटे किसानों के खातों में इसी महीने से पैसा डालना शुरू कर देगी. साथ ही, इस योजना का फायदा किसको मिलेगा, इसको लेकर नए नियम जारी हो गए है.

छोटे किसानों को नकद समर्थन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान योजना (PM Kisan scheme) के तहत पहली किस्त के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं होगा. हालांकि, दूसरी किस्त पाने के लिए आधार को अनिवार्य किया गया है. सरकार ने अंतरिम बजट में 75 हजार करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi) की घोषणा की है. इस योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक की जोत वाले छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपये की नकद मदद दी जाएगी. यह राशि तीन किस्तों में उनके बैंक खाते में डाली जाएगी.

पहली किस्त के लिए आधार अनिवार्य नहीं
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार 2,000 रुपये की पहली किस्त के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन दूसरी किस्त पाने के लिए आधार नंबर को अनिवार्य किया गया है. किसानों को अपनी पहचान बताने के लिए आधार नंबर देना होगा.
केंद्र द्वारा पूर्ण वित्त पोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का क्रियान्वयन इसी साल से होगा और किसानों को पहली किस्त मार्च तक हस्तांतरित की जाएगी. केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों को भेजे पत्र में कहा है, ‘दिसंबर 2018 से मार्च 2019 की अवधि किस्त पाने के लिए आधार नंबर जहां उपलब्ध होगा वहीं लिया जाएगा.’

आधार न रहने पर वैकल्पिक पहचान पत्र चलेंगे

यदि आधार नंबर नहीं है, तो अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों मसलन ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र नरेगा रोजगार कार्ड या केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा जारी किसी अन्य पहचान पत्र के आधार पर पहली किस्त दी जा सकती है. मंत्रालय ने कहा कि दूसरी और उसके बाद की किस्त के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा. मंत्रालय ने राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पात्र किसानों को दोहराव नहीं हो.

डेटाबेस बनाने का निर्देश
राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे गांवों में लाभार्थी छोटे और सीमान्त किसानों का डाटाबेस बनाएं. राज्यों से ऐसे किसानों का ब्योरा मसलन नाम, स्त्री हैं या पुरुष, एससी-एसटी, आधार, बैंक खाता संख्या और मोबाइल नंबर जुटाने को कहा है. केंद्र ने छोटे और सीमांत किसानों को पति, पत्नी, 18 साल तक के नाबालिग बच्चों के हिसाब से परिभाषित किया है, जिनके पास संबंधित राज्य के भू रिकॉर्ड के अनुसार दो हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन है.

सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत छोटे किसानों के खातों में इसी महीने से पैसा डालना शुरू कर देगी. साथ ही, इस योजना का फायदा किसको मिलेगा, इसको लेकर नए नियम जारी हो गए है.  आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का कहना है कि किसानों को न्यूनतम आय समर्थन इसी महीने से मिलना शुरू हो जाएगा क्योंकि लाभार्थियों के आंकड़े पहले ही तैयार हैं.वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बजट भाषण में इस योजना की घोषणा की थी.

नियम और शर्तें

(1) कौन नहीं उठा पाएगा स्कीम का फायदा- अंग्रेजी के अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, अगर किसी को उत्तराधिकारी होने के चलते खेती की जमीन का मालिकाना हक 1 फरवरी की समयसीमा में  मिला है, तो वह इस स्कीम का फायदा उठा सकता है. वहींं, अगर किसी ने 1 फरवरी के बाद खेती योग्य जमीन का छोटा सा टुकड़ा भी खरीदा तो उसे अगले पांच वर्षों तक पीएम किसान योजना के तहत सालाना 6 हजार रुपये नहीं मिलेंगे. अगर राज्यों को कुछ सुझाव देना होगा तो उन पर विचार करते हुए इसे मंगलवार तक जारी कर दिया जाएगा.

(2) लॉन्च होगी वेबसाइट- राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे गए दिशा-निर्देश में कहा गया है कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय जल्द ही एक विशेष पोर्टल लॉन्च करेगा जहां सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को लाभार्थियों की जिलावार सूची अपलोड करनी होगी.
डेटाबेस में जमीन मालिक का नाम, लिंग, सामाजिक वर्गीकरण (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति), आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर आदि शामिल होंगे. एक अधिकारी ने बताया, ‘जनधन बैंक अकाउंट नंबर, आधार और मोबाइल नंबर से योग्य लाभार्थियों और अयोग्य दावेदारों की पहचान में मदद मिलेगी.

(3) आधार जरूरी- पीएम किसान स्कीम के तहत पांच एकड़ से कम कृषि योग्य भूमि वाले छोटे एवं सीमांत किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रुपये देने की घोषणा की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार आम चुनाव से पहले किसानों को एक या दो किस्त जारी कर देना चाहती है. इसके लिए राज्यों से कहा गया है कि 2,000 रुपये की पहली किस्त लेने के लिए किसानों को आधार देने की अनिवार्यता नहीं रहेगी. हालांकि, 31 मार्च के बाद से जारी होने वाली किस्तों के लिए आधार नंबर देना जरूरी होगा.

(4) छोटे एवं सीमांत किसान परिवार की परिभाषा में ऐसे परिवारों को शामिल किया गया है जिनमें पति-पत्नी और 18 वर्ष तक की उम्र के नाबालिग बच्चे हों और ये सभी सामूहिक रूप से दो हेक्टेयर यानी 5 एकड़ तक की जमीन पर खेती करते हों.

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