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शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों का आज राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार |

  • पुलवामा में शहीद हुए 40 जवानों में से 12 उत्तरप्रदेश, 5 राजस्थान और 4 पंजाब के
  • प.बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, बिहार के 2-2 जवान शहीद
  • असम, केरल, कर्नाटक, झारखंड, मप्र, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के एक-एक जवान ने जान गंवाई

नई दिल्ली. पुलवामा फिदायीन हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों का शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। शुक्रवार को जवानों की पार्थिव देह दिल्ली के पालम एयरपोर्ट लाई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनकी पार्थिव देहों की परिक्रमा की। एयरपोर्ट पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम केंद्रीय मंत्रियों ने जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस बीच पाक में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया दिल्ली पहुंच गए। सरकार ने हमले के बाद उन्हें वापस बुला लिया था।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे। राजनाथ ने जवानों की पार्थिव देह को कंधा दिया। उन्होंने कहा- पुलवामा हमले के बाद फैसला किया गया है कि सुरक्षा बलों के बड़े काफिले गुजरने पर आम लोगों का परिवहन रोक दिया जाएगा। इससे नागरिकों को परेशानी होगी, हम इसके लिए माफी मांगते हैं। इससे पहले मोदी ने कहा, हमले के गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी। हमने इसके लिए सुरक्षा बलों को पूरी स्वतंत्रता दे दी है। सैनिकों के शौर्य पर भरोसा है। जवानों के खून की बूंद-बूंद का बदला लेंगे।

अपडेट्स

  • पुलवामा हमले के बाद कार्रवाई पर एकराय कायम करने के लिए दिल्ली में सरकार द्वारा बुलाई सर्वदलीय बैठक जारी है।
  • जम्मू-कश्मीर में हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम पुलवामा पहुंच चुकी है।
  • हमले के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के नालासोपारा स्टेशन पर में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक ली।
  • जम्मू के कई इलाकों में शुक्रवार को कर्फ्यू लगाया गया था। यह शनिवार को भी जारी है।
  • ममता बनर्जी ने कहा कि यह देखकर दुखी हूं कि प्रधानमंत्री ने ऐसी गंभीर घटना के बाद भी एक प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। ऐसी स्थिति में हमें सरकारी कार्यक्रमों को टालना चाहिए। आखिर केंद्र की ओर से तीन दिन का शोक क्यों नहीं घोषित किया गया? हमें यह जानने का अधिकार है कि वास्तव में क्या हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार क्या कर रहे थे? हमले के पहले किसी तरह की कोई जानकारी क्यों नहीं मिली? इतने जवान क्यों मारे गए? यह सवाल लोगों के हैं, केवल मेरे नहीं।
  • शरद पवार ने कहा कि मोदी सत्ता में आने से पहले चुनावी रैलियों में कहते थे कि मनमोहन सरकार में वह योग्यता ही नहीं जो पाक को सबक सिखा सके। यह काम तो 56 इंच के सीने वाला शासक ही कर सकता है। मगर अब तो सभी ने देखा कि क्या हो गया।

 

हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे: मोदी
मोदी ने पाकिस्तान को हमले का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हमें अस्थिर करने के उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। हिन्दुस्तान इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा, ”आतंकी हमले की वजह से लोगों में जितना आक्रोश है उसे मैं भलि-भांति समझ रहा हूं। इस समय जो देश की अपेक्षाएं हैं, कुछ कर गुजरने की भावनाएं हैं, वो भी स्वाभाविक है। हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दे दी गई है। मुझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां एजेंसियों को पहुंचाएंगे, ताकि हमारी लड़ाई और मजबूत हो सके।”

मोदी ने कहा, ”मैं पाक आतंकियों और उनके समर्थकों को कहना चाहता हूं कि वे बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं। बहुत बड़ी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। मैं देश को भरोसा देता हूं कि हमले के पीछे जो ताकत हैं, जो भी गुनहगार है, उन्हें उनके किए की सजा मिलेगी।”

शहीदों में 12 जवान उप्र के
शहीद हुए 40 जवानों में 12 उप्र के, 5 राजस्थान के, 4 पंजाब के हैं। इसके अलावा प.बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, बिहार के 2-2 जवान शहीद हुए। असम, केरल, कर्नाटक, झारखंड, मध्यप्रदेश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के एक-एक जवान ने भी अपनी जान गंवा दी।

Pulwama

काफिले की 5वीं बस को आतंकी ने मारी टक्कर
आतंकी ने गुरुवार को करीब 3.30 बजे अवंतिपोरा में सीआरपीएफ काफिले की 5वीं बस में अपनी गाड़ी टकरा दी। इसमें बस में बैठे 39 जवान शहीद हो गए। इसके अलावा रोड ओपनिंग पार्टी का एक जवान भी शहीद हो गया। घाटी में खराब मौसम के चलते सुरक्षाबलों के काफिले की आवाजाही रुकी थी। 4 फरवरी को ही 91 वाहनों का काफिला जिसमें 2871 जवान शामिल थे, जम्मू से कश्मीर पहुंचा था। सीआरपीएफ के काफिले में 78 वाहन थे। इनमें 16 बुलेट प्रूफ बंकर भी शामिल थे। आतंकी हाईवे पर काकापोरा-लेलहर की तरफ से आया और काफिले के समांतर ही चल रहा था।

अफसरों के मुताबिक, “सुरक्षा एजेंसियों को पता चला है कि काफिले पर हमले में लगभग 80 किलो हाई-ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था। बस के बचे हुए हिस्सों को देखकर पता चलता है कि इस हमले में आईईडी का इस्तेमाल नहीं हुआ।” शुरुआती जानकारी में माना जा रहा था कि आईईडी से इस हमले को अंजाम दिया गया।

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