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धर्मांतरण का रैकेट: दो साल में 1000 से ज्यादा का धर्म बदलवाने का आरोप

यूपी ATS ने दो लोगों को गिरफ्तार कर दावा किया है कि ये लोग धर्मांतरण के काम में जुटे थे. ATS के मुताबिक, पिछले दो सालों से धर्म परिवर्तन करवा रहे थे. जिन लोगों का धर्म बदलवाया गया, उनमें महिलाएं और मूक-बघिर बच्चे भी शामिल हैं. दोनों आरोपी दिल्ली के जामिया नगर के रहने वाले हैं. ऐसे आरोप हैं कि ये दोनों अभी तक करीब एक हजार लोगों को मुस्लिम धर्म में कन्वर्ट करा चुके हैं. ये केवल यूपी में ही नहीं बल्कि देश भर में एक्टिव थे. इस काम के लिए विदेशी फंडिंग भी हो रही थी. पुलिस ने ISI का लिंक भी सामने आने का दावा किया है.

‘ISI से मिलती है मदद’

FIR के मुताबिक, आरोपी गैर मुस्लिमों को डरा धमकाकर, नौकरी और पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराते थे. आमतौर पर बच्चों, महिलाओं और कमजोर तबकों के लोगों को ये अपना निशाना बनाते थे. साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को विशेष तौर पर टारगेट करते थे. FIR में साफ लिखा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और अन्य विदेशी संस्थाओं के निर्देश ये काम करते थे. उनसे मिलने वाली आर्थिक मदद की बदौलत ये अपने मिशन को अंजाम दे रहे थे.

एक साल में 350 धर्मांतरण

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि आरोपियों द्वारा पिछले एक साल करीब 350 लोगों का धर्म बदलवाया गया. नोएडा के एक मूक बधिर स्कूल के 18 बच्चों को भी कन्वर्ट कराया गया. कई बार लोगों को लालच देकर और कई बार डरा-धमकाकर ये लोग उनका धर्म परिवर्तन कराते थे. दो साल से ये रैकेट चल रहा था. अभी तक करीब 1000 लोगों को कन्वर्ट कराया जा चुका है. इस रैकेट को विदेशी फंडिंग के सुबूत भी मिले हैं.

इस्लामिक दावा सेंटर सवालों में

ATS ने जो जानकारी मीडिया को दी, उसके मुताबिक आरोपी केवल यूपी ही नहीं बल्कि देश भर में लोगों का धर्मांतरण कराते थे. इस मामले में लखनऊ के गोमतीनगर स्थित ATS थाने FIR दर्ज की गई है. यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार की शिकायत पर ये FIR दर्ज हुई है. इसमें दिल्ली के जामिया नगर स्थित इस्लामिक दावा सेंटर के चेयरमैन का भी नाम है.

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी और मोहम्मद उमर गौतम हैं. उमर खुद हिंदू से मुस्लिम में कन्वर्ट हुआ है. ये लोगों को धर्म परिवर्तन कराने के बाद इस कन्वर्जन को कानूनी मान्यता भी दिलाते थे. साथ ही लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराने के बाद उनकी शादियां भी मुस्लिम लड़कों से कराते थे. ATS के मुताबिक, आरोपियों पर IPC के अलावा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन एक्ट के हिसाब से भी कार्रवाई की जाएगी.

ऐसे बना श्याम से मोहम्मद उमर

पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद उमर गौतम यूपी के फतेहपुर जिले का रहने वाला है. इस्लाम अपनाने से पहले उसका नाम श्याम प्रताप सिंह गौतम हुआ करता था. वह 1964 में एक हिंदू राजपूत परिवार में पैदा हुआ. उसके पिता का नाम धनराज सिंह गौतम है. धनराज के 6 बेटे हैं, जिनमें से श्याम चौथे नंबर का है. इलाहाबाद इंटर करने के बाद वह नैनीताल से BSC एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने लगा.

एक दिन श्याम के पैर में चोट लग गई. हॉस्टल में ही रहने वाले नासिर खान ने उसकी सेवा की. नासिर ने श्याम गौतम को इस्लामिक किताबें पढ़ने को दीं. तभी श्याम ने कुरान पढ़ी, और धर्म बदलने का फैसला किया. 1984 में MSC की पढ़ाई करते हुए उसने इस्लाम धर्म अपनाकर मोहम्मद उमर गौतम नाम रख लिया.

इसके बाद उसने दिल्ली के जामिया विश्वविद्यालय से इस्लामिक स्टडीज में MA किया. इस्लामिक दावा सेंटर की स्थापना की. दूसरे धर्म के लोगों को इस्लाम में लाने का काम शुरू किया. पुलिस फिलहाल उमर से जुड़ी हर बात को बारीकी से जांच रही है. इस्लामिक दावा सेंटर और उसे मिल रही विदेशी फंडिंग की जांच भी की जा रही है.

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Written by Chetan Shukla

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